शिक्षा मित्र सैलरी Per Month 2025: Shikshamitra Salary in UP vs Bihar Shiksha Mitra Salary

शिक्षा मित्र कौन होता है (उत्तर प्रदेश और बिहार में)?

उत्तर प्रदेश और बिहार में, शिक्षा मित्र एक संविदा या अस्थायी शिक्षक होता है जो प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवाएं प्रदान करता है। इनकी नियुक्ति का प्राथमिक उद्देश्य स्थानीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और शिक्षकों की कमी को दूर करना है। शिक्षा मित्रों की मुख्य जिम्मेदारियों में बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करना, नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करना, उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत करना और विभिन्न शैक्षिक योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करना शामिल है। भले ही शिक्षा मित्रों को स्थायी सरकारी शिक्षकों जैसी सुविधाएं प्राप्त नहीं होतीं, फिर भी उन्हें मासिक मानदेय दिया जाता है और वे ग्रामीण तथा शहरी दोनों ही क्षेत्रों के विद्यालयों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षा मित्र सैलरी 2025 (Uttar Pradesh)

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) के 2025 के वेतन, अनुबंध की शर्तों, लाभों और वेतन संबंधी नवीनतम मांगों व विकासों का संक्षिप्त विवरण एक तालिका के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसके बाद एक संक्षिप्त विश्लेषणात्मक पैराग्राफ भी दिया गया है।

घटक (Component) विवरण (Details)
मासिक मानदेय (Current Honorarium) ₹10,000 प्रति माह (अप्रैल–2025 तक प्रचलित आम स्थिति) — यह वर्तमान मान्यता अधिकांश रिपोर्टों और सरकारी विवरणों में उल्लेखित है।
अनुबंध की अवधि (Contract Duration) सामान्यतः 11 महीने का संविदा अनुबंध (1 जुलाई—31 मई/अवधि विभागीय नियमों के अनुसार) — यह कई रिपोर्ट्स और कार्यकर्ता अनुभवों के अनुसार है।
भुगतान मोड (Payment Mode) बैंक स्थानांतरण / जिला शिक्षा विभाग द्वारा मासिक भुगतान; कुछ स्थानों पर भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आती हैं।
अन्य लाभ / सुविधाएँ (Benefits & Perks) 1) कैशलेस मेडिकल सुविधा (Teacher’s Day घोषणा, सितंबर 2025) — राज्य सरकार ने शिक्षकों सहित शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस मेडिकल (Cashless) सुविधा की घोषणा की है। 2) सामाजिक/अवकाश संबंधी सुविधाएँ राज्य नीति के अनुरूप प्रदान की जाती हैं।
प्रस्तावित वेतन-विकास (Proposed Pay Revisions 2025) सरकार पर विचार एवं विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सुझाव: ₹17,000–₹25,000 प्रति माह (विभिन्न रिपोर्ट्स में अलग-अलग प्रस्ताव/अधिकारियों के बयान) — यह वर्तमान में प्रस्ताव और प्रक्रिया के अधीन है तथा कैबिनेट/वित्त विभाग की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
सरकारी आधिकारिक रुख (Official Position / Conflicting Statements) कुछ समय पहले सरकार ने कहा था कि वेतन वृद्धि पर कोई निर्णय नहीं हुआ है — यह इंगित करता है कि मीडिया में प्रकाशित प्रस्तावों और सरकारी आधिकारिक टिप्पणियों में अंतर दिखा है; पिछले वक्तव्यों का हवाला भी दिया गया। इसलिए, अंतिम स्थिति केवल विभागीय आदेश/कैबिनेट के आधिकारिक नोटिस से ही सत्यापित की जा सकती है।
नौकरी का प्रकार (Nature of Employment) संविदा/अस्थायी (para-teacher/guest teacher) — ये स्थायी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं; इनका कार्य अक्सर स्थानीय विद्यालयों में प्राथमिक/माध्यमिक स्तर पर पढ़ाना होता है।
समस्याएँ / शिकायतें (Common Issues Reported) मानदेय में स्थायी वृद्धि की मांग, भुगतान में देरी, अनुबंध की असुरक्षा, छुट्टियों के दौरान भुगतान का व्यवधान — ये नियमित रूप से सामने आने वाले मुद्दे हैं जिनके कारण समय-समय पर आंदोलन और याचिकाएँ भी हुई हैं।

विश्लेषण — वेतन विकास

वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय ₹10,000 व्यापक रूप से लागू है। हालांकि, वर्ष 2025 में सरकार के स्तर पर इस मानदेय में वृद्धि के विकल्पों पर गहन चर्चा चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹17,000 से ₹25,000 प्रति माह तक के प्रस्ताव सामने आए हैं। इसके विपरीत, कुछ विभागीय बयानों में यह भी कहा गया है कि औपचारिक वृद्धि पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे वर्तमान स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

शिक्षक कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में, शिक्षक दिवस के अवसर पर कैशलेस मेडिकल सुविधा की घोषणा की गई है। यह सुविधा संविदाकर्मियों सहित शिक्षामित्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता सिद्ध होगी। हालांकि, मानदेय वृद्धि के लिए अभी भी कैबिनेट या वित्त विभाग के औपचारिक आदेश की प्रतीक्षा है। अतः, किसी भी वास्तविक और पुख्ता बदलाव की पुष्टि के लिए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर निरंतर नज़र रखना आवश्यक है।

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शिक्षा मित्र सैलरी 2025 (Bihar)

बिहार में शिक्षा मित्र (Shiksha Mitra) और अन्य समान गैर-स्थायी शिक्षण पदों, जैसे शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज, के मानदेय (honorarium) से संबंधित नवीनतम और विश्वसनीय जानकारी को निम्नलिखित तालिका में संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है:

पद (Designation) मासिक मानदेय (₹) प्रमुख विवरण
Shiksha Sevak / Talimi Markaj ₹11,000 → ₹22,000 मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित — ₹11,000 से बढ़ाकर ₹22,000 किया गया, साथ ही EPF योगदान में भी वृद्धि की गई है।
Pending Education Workers (अक्षर आंचल कार्यक्रम) ₹11,000 → ₹22,000 लगभग 30,000 शिक्षा सेवकों के लंबित मानदेय का समाधान; मानदेय इसी स्तर पर संशोधित किया गया है।
अन्य शिक्षा व शिक्षक राशि (सामान्य संदर्भ) विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं “शिक्षा मित्र” के नाम से सीधे वेतन जानकारी उपलब्ध नहीं है; इन्हें आमतौर पर शिक्षा सेवक के मानदेय श्रेणी में शामिल किया जाता है।

बिहार में, शिक्षा सेवक जैसे गैर-स्थायी शिक्षण पदों (जिनमें शिक्षा मित्र भी शामिल हो सकते हैं) का मासिक मानदेय ₹11,000 से बढ़ाकर ₹22,000 कर दिया गया है। इसके साथ ही, उनके EPF योगदान में भी वृद्धि की गई है। इस महत्वपूर्ण संशोधन से अक्षर आंचल कार्यक्रम के तहत कार्यरत लगभग 30,000 कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मानदेय का समाधान हुआ है।

नोट:“शिक्षा मित्र” शब्द का उपयोग कई बार पारंपरिक या अनुबंधित शिक्षकों के लिए किया जाता है। जैसा कि ऊपर तालिका में दर्शाया गया है, बिहार में यह पद शिक्षा सेवक / तालीमी मरकज के अंतर्गत आता है, और उनका मासिक मानदेय अब ₹22,000 निर्धारित किया गया है। यदि आपको किसी विशेष जिले या भर्ती प्रक्रिया के अनुसार विस्तृत जानकारी चाहिए, तो कृपया बताएं—मैं ज़िलास्तरीय स्रोत या नवीनतम GR (सरकारी संकल्प) ढूंढने में सहायता कर सकता हूँ।

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शिक्षा मित्र का कार्य प्रोफ़ाइल (उत्तर प्रदेश और बिहार में)

उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में, शिक्षा मित्रों की प्राथमिक जिम्मेदारी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा प्रदान करना है। वे शिक्षकों की कमी को पूरा करने में सहायक होते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि बच्चों को नियमित कक्षा शिक्षण प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, शिक्षा मित्रों को बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने, मध्यान्ह भोजन योजना के प्रभावी कार्यान्वयन, नामांकन दरों में वृद्धि और विभिन्न सरकारी शैक्षिक योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने का दायित्व भी सौंपा जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्र, स्थानीय समुदाय और विद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।